अनछुए से शब्द मेरे
गीत तुम आवाज़ हूँ मैं,
तान हो तुम बांसुरी की
और उसका राग हूँ मैं....
और उसका राग हूँ मैं....
तेरी साँसों सी सुगन्धित
तेरी अलकों से सुशोभित,
तेरी पलकों में बसी मैं
एक मादक रात हूँ मैं....
तुम मेरे मन में हो प्रियतम
तुमको ही देखूं मैं निसदिन,
हाथ में जब हाथ तेरा
हर समय मधुमास हूँ मैं....
हो भले जीवन ये कंटक
चाह तेरी है ये जब तक,
भूल कर दुनिया ये सारी
एक तेरे साथ हूँ मैं....






