Text selection Lock by Hindi Blog Tips

सोमवार, 19 सितंबर 2011

बुद्धि.......






ईश्वर की सबसे उत्कृष्ट कृति
है ये इंसान...!
और उसके पास एक चीज़ है
बुद्धि.....!
जिसे इस्तेमाल करने की
पूरी-पूरी स्वतंत्रता दी है
ईश्वर ने इंसान को !!
इंसान सब काम करता है
इसी बुद्धि से !
जब कोई काम अच्छा हो जाता है
तो उसका श्रेय अपने सिर पर लेता है
और जब कोई काम
बिगड़ जाता है उससे तो.....
उसका दोष
वह ईश्वर के सिर पर मढ़ देता है !
इंसान सब छोड़ सकता है परन्तु
एक बुद्धि ही है....
जो वह किसी तरह भी
छोड़ने के लिए तैयार नहीं होता !
जहाँ उसे बुद्धि लगानी होती है
वहां नहीं लगता.....
और जहाँ नहीं लगानी होती है
वहां बेवजह लगाता रहता है !!

7 टिप्‍पणियां:

  1. बड़ा ही सटीक अवलोकन है, हमारी मीठा गुड़ सटक लेने की प्रवृत्ति इतनी आसानी से जाने वाली नहीं है।

    उत्तर देंहटाएं
  2. सही है........यही बुद्धि अहं को जन्म देती है और अहं ही ले डूबता है.........बहुत सुन्दर लगी पोस्ट|

    उत्तर देंहटाएं
  3. लाजवाब लिखती 
    हैं , आपकी हर एक रचना बेहतरिन लगती है ।

    उत्तर देंहटाएं
  4. बुद्धि और विद्या ...दोनों अलग -अलग है .....और दोनों ज़रूरी है //

    उत्तर देंहटाएं
  5. जहाँ बुड्ढी नहीं लगानी होती वहाँ लगाता है ... सटीक बात कह दी .. अच्छा विश्लेषण

    उत्तर देंहटाएं