मंगलवार, 29 अक्टूबर 2013
बुधवार, 16 अक्टूबर 2013
वफ़ा तुम कर नहीं सकते.....
खुशी की बात करते हो मगर खुश हो नहीं सकते...
हमें अपना नहीं कहते...हमारे हो नहीं सकते...!!
जो रातों की सियाही को उजाला कर नहीं पाए...
सुबह हमने दिखाई...तुम उजाला कर नहीं सकते...!!
हजारों ख्वाहिशे दिल की तुम्हारे चार सू फैलीं...
हमारी बंदगी पर...अब इशारा कर नहीं सकते...!!
कभी मांगी थी बस मैंने तेरे दिल की नियामत ही...
हुई अब देर काफी...तुम शिकायत कर नहीं सकते...!!
तेरी फितरत में है बस घूमना औ घूमते रहना...
किसी इक शख्स की जानिब...वफ़ा तुम कर नहीं सकते..!!
खुदा गर है कहीं तो राह मुझको मिल ही जायेगी...
हमारी ज़िंदगी को...हम भी जाया कर नहीं सकते...!!
शनिवार, 12 अक्टूबर 2013
शुक्रवार, 27 सितंबर 2013
राबता......
बेवजह
उनसे बात कर डाली...
अपनी
तबियत खराब कर डाली...
प्यार जब हो सका नहीं मुझसे...
मेरी बदनामियां ही कर डाली
हमने देखा नहीं उन्हें कब से...
जिंदगी यूँ तबाह कर डाली..
उनको था नाज़ अपनी सूरत पे
फिर भी सूरत खराब कर डाली..
हम भी कमतर नहीं थे कुछ उनसे...
जिंदगी उनके नाम कर डाली...
आप क्यूँ बेवजह दुखी हैं अब...
आप पर हमने है नज़र डाली
आपसे राबता रहा 'पूनम'..
इसलिए आज बात कर डाली...!
सोमवार, 23 सितंबर 2013
मेरा इश्क..........
मेरा इश्क मेरा जुनून है....नहीं तुझसे कोई गिला किया...
मेरे नाम से तू उबर गया...नहीं मुझसे फिर तू मिला किया
मेरी चाहतें....मेरी नेमतें....मेरे अधखुले कई ख्वाब हैं...
जो कुबूल हो भी तुझे कभी....मेरे आंसुओं ने गिला किया
वो जो मेहरबां था कभी मेरा....नहीं राजदां है वो अब मेरा
कभी दिल गवां के भी हंस दिए....कभी दिल से दिल का सिला दिया
मेरा दिल कभी तेरे नाम था...मेरे दिल में तू सरेआम था...
रही अब तलब न मुझे तेरी...दिल-ए-गुल था...यूँ ही खिला किया
मैं तेरे नसीब में थी कहाँ...तू मेरा नसीब भी न रहा...
जो बनी दुआ तो सिमट गयी...तन्हाई को भी जिला दिया
मैं थी एक शम्मा जो बज़्म में...नहीं दे सकी तुझे रौशनी
मेरा जिस्म जल के न मिट सका...तुझे खाक में तो मिला दिया
शनिवार, 21 सितंबर 2013
मैं.....
मेरे जीवन की अभिलाषा...
न जाने कब पूरी होगी...
अस्फुट से स्वर की चंचलता...
तुझ से मिल कर स्थिर होगी...
तू परिचित भी है..अपरिचित भी...
तू अपना भी...बेगाना भी...
न जाने ये कैसा अभिनय...
जाना भी है...अनजाना भी...
मेरे अपने...मेरे सपने...
तू पास भी है..तू दूर भी है...
तू मुझमें है आधा -आधा...
तू मुझमें ही सम्पूर्ण भी है...!!
***पूनम***
गुरुवार, 12 सितंबर 2013
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